जब एक मुखिया ही अपनी भाषा पर कंट्रोल न रख सके तो अपने सहयोगियों पर कैसे रखे| मुंह से कुछ भी ग्रहण करने पर (मांस मछली दारु आदि) शरीर या वह व्यक्ति अपवित्र नहीं होता बल्कि मुंह से कुछ भी बाहर निकालने पर उस व्यक्ति की पहचान होती है कि वह पवित्र है या नहीं|
